उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सीईटी परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण*

– *परीक्षा की तैयारियों का लिया जायजा*
– *शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व सुगम परीक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध*
City24news/अनिल मोहनिया
नूंह | जिला उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने आज शनिवार को आयोजित कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी)-2025 के प्रातःकालीन सत्र के अवसर पर जिले के सभी 6 परीक्षा केंद्रों का दौरा कर परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंध, मूलभूत सुविधाएं, ट्रैफिक कंट्रोल और निगरानी व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षार्थी को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इसके लिए हर स्तर पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन की पूरी टीम पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है ताकि सभी अभ्यर्थियों को एक शांतिपूर्ण और सुगम परीक्षा माहौल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने केंद्र अधीक्षकों से भी बातचीत की और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में पूरी पारदर्शिता, अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
श्री मीणा ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं, जिससे परीक्षार्थी सहज रूप से परीक्षा में भाग ले सकें।
*उपायुक्त ने सुबह 3.45 बजे बस स्टैंड नूंह पर पहुंचकर परीक्षार्थियों की व्यवस्थाओं को जांचा*
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शनिवार सुबह 3.45 बजे सीईटी परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए नया बस स्टैंड नूंह पर पहुंचे और बसों में चढ़कर पहले तो सभी सीईटी परीक्षार्थियों को अच्छी परीक्षा व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन द्वारा सभी परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, इसलिए कोई भी परीक्षार्थी परेशान नहीं होना चाहिए। अगर उन्हें किसी स्तर पर कोई दिक्कत आती है तो वे जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इन बसों से आगे उन्हें शहर की शटल बस सेवा मिलेगी, जिसका वे लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था भी हर शहर में की गई है। उन्होंने जिला में बनाए गए सभी 9 कलस्टर से विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों व परीक्षार्थियों के जाने संबंधी पूरी रिपार्ट ली।