श्रीमदभागवत कथा का हुआ विधिवत समापन
-कथा के पठन व श्रवण से होती है मोक्ष की प्राप्ति-पंडित रासबिहारी
City24News/अनिल मोहनिया
कनीना | कनीना मंडी स्थित विश्वकर्मा धर्मशाला में पिछले सात दिन से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का बृहस्पतिवार को विधिवत समापन हो गया। कथावाचक आचार्य रामबिहारी ने इस कथा के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति के उपाय बताए। उनकी ओर से भगवान नारायण व श्री कृष्ण के अवतारों का सुंदर ढंग से वर्णन किया गया। कथा के दौरान विभिन्न झांकियां भी निकाली गई। कथा में अशोक गुप्ता ने सपत्नीक यजमान की भूमिका निभाई। पंडित राम बिहारी द्वारा दोपहर एक बजे से सायं चार बजे तक कथा का वाचन किया गया। उन्होंने कथा में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें मुख्य रूप से भगवान नारायण और श्रीकृष्ण के अवतारों का वर्णन किया गया है, जिसे भक्ति योग, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग माना जाता है। यह कथा शुकदेव मुनि द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई थी, जिन्होंने इसे महर्षि वेदव्यास के मुख से सुना था, और इसमें कई प्रेरक उपाख्यानों का अद्भुत संग्रह है। यह कथा आत्मा की शुद्धि, पाप मुक्ति और ईश्वर की कृपा पाने का एक दिव्य माध्यम मानी जाती है, जिसे 7 दिनों या अन्य निर्धारित अवधियों में सुना-पढ़ा जाता है।
