प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर डीपीआईयू की सख्त रणनीति
-जीरो पीरियड में रेमेडियल कार्य योजना अनिवार्य, लापरवाह अध्यापकों पर होगी कार्रवाई: सगीर अहमद
City24News/अनिल मोहनिया
नूंह | प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (DPIU) की जनवरी माह की बैठक आज लघु सचिवालय, नूंह में जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार, डिप्टी डीईओ जलकरण, जिला बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कोऑर्डिनेटर डॉ. कुसुम मलिक, स्टेट प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट सदस्य तुषार (पंचकूला), सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी, बीआरपी, शिक्षा सहायक एवं पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रेमेडियल कार्य योजना पर सख्त फोकस
जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने निर्देश दिए कि सभी क्लस्टर मुखिया जीरो पीरियड के दौरान रेमेडियल कार्य योजना का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत आधार ही भविष्य में बोर्ड कक्षाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करेगा।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सगीर अहमद ने स्पष्ट किया कि जीरो पीरियड में प्रशिक्षणानुसार रेमेडियल कार्य न कराने वाले प्राथमिक अध्यापकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बच्चों की निरंतर ट्रैकिंग और कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
मॉनिटरिंग और डेटा आधारित रणनीति
जिला परियोजना अधिकारी योगेश कुमार ने एबीआरसी व बीआरपी को निर्देश दिए कि वे विद्यालय विजिट को गुणवत्ता आधारित बनाएं तथा अध्यापकों की कार्यशैली और बच्चों की स्किल पासबुक की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
डॉ. कुसुम मलिक ने सेंसेक्स असेसमेंट 2.0 के विश्लेषण के आधार पर कहा कि निपुण अध्यापक ऐप के माध्यम से ग्रुप आधारित रेमेडियल शिक्षण से नूंह जिले का निपुण लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति को रेमेडियल कार्य की सफलता का प्रमुख आधार बताया।
स्टेट प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट सदस्य तुषार ने कॉम्पिटेंसी आधारित डेटा साझा करते हुए आगामी रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की।
अन्य प्रमुख निर्देश
• सभी अध्यापक टीचर गाइड के अनुसार साप्ताहिक योजना पर कार्य करें।
• विद्यालयों में समय-सारणी का सख्ती से पालन हो।
• बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाए।
• छात्र उपस्थिति बढ़ाने हेतु समुदाय सहभागिता के साथ विशेष अभियान चलाया जाए।
बैठक में एफएलएन ब्लॉक नोडल अधिकारी नवीन कुमार, अब्दुल वारिस, मुंशरीफ, पवन पूनिया तथा पीरामल फाउंडेशन से नरेंद्र कुमार व उनकी टीम उपस्थित रही।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि नूंह जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हेतु जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और अब निष्पादन व जवाबदेही ही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी
