नूंह की बेटी ने रचा नया कीर्तिमान, केंद्रीय विश्वविद्यालय में बनीं प्रोफेसर

0

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के नूंह रीजनल सेंटर में जिम्मेदारी।
City24News/अनिल मोहनिया

नूंह | मेवात की पथरीली जमीन से निकलकर देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान तक पहुंचना किसी सपने से कम नहीं, लेकिन डॉ. नजमा खुर्शीद ने इसे हकीकत में बदल दिया है। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के नूंह स्थित रीजनल सेंटर में उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह सूचना सामने आते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इसे मेवात की बेटियों की बड़ी जीत बताया।

डॉ. नजमा, मेवात विकास अभिकरण के पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका की बड़ी पुत्री हैं। शिक्षा को ही जीवन का रास्ता बनाते हुए उन्होंने बीएड, एमएड और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हासिल कीं। उनका सफर यह दिखाता है कि सीमित साधनों के बीच भी अगर इरादे मजबूत हों तो ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है। आज उनकी उपलब्धि हजारों छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

समाज को नई दिशा देने की जिम्मेदारी :-

नूंह जैसे शैक्षिक रूप से पिछड़े इलाके में केंद्रीय विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर किसी वरदान से कम नहीं, और डॉ. नजमा वहां पढ़ाकर भावी शिक्षकों की नींव मजबूत करेंगी। वे मानती हैं कि शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे समाज की तस्वीर बदली जा सकती है।

परिवार भी बना तालीम की मिसाल :-

खुर्शीद राजाका बताते हैं कि उनके पांचों बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। डॉ. नजमा सबसे बड़ी हैं। वासिम और रुखसार कानून के क्षेत्र में हैं, असमा दिल्ली में अध्यापन कर रही हैं, जबकि रूहान विदेश से उच्च शिक्षा लेकर आगे बढ़ रहे हैं। यह परिवार मेवात में शिक्षा का प्रतीक बन गया है।

केंद्रीय मंत्री ने साफा नियुक्ति पत्र :-

डॉ. नजमा को नियुक्ति पत्र केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सौंपा, जिसने इस उपलब्धि को और खास बना दिया। उल्लेखनीय है कि वे नूंह के इंदाना गांव के सरपंच चौधरी इक़बाल की पुत्रवधू हैं और उनके पति का नाम मोहम्मद आबिद है। डॉ. नजमा खुर्शीद की यह सफलता मेवात की बेटियों के लिए एक नई रोशनी बनकर उभरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed